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साेजत अस्पताल में 17 साल से अटका ट्रोमा यूनिट निर्माण धूल फांक रहे हैं भवन, उपकरण, एम्बुलेंस व दवाइयां

जिले के दूसरे बड़े साेजत अस्पताल में अाज से 17 साल पूर्व ही ट्राेमा यूनिट निर्माण की घाेषणा हाे चुकी थी, लेकिन वर्ष 2003 से 2008 तक प्रदेश में भाजपा सरकार में काबिना मंत्री रहे लक्ष्मीनारायण दवे ने ही सबसे बड़ी दिलचस्पी दिखाई। उनके प्रयासाें से यहां पर संचालित स्कूल काे दूसरी जगह भेज कर ट्राेमा के लिए जगह का भी अावंटन करवा दिया। इसके बाद सरकार बदलते ही 17 साल बाद भी अपने पूर्ण हाेने का इंतजार कर रहा है। पायलट योजना के तहत यूरोपियन कमीशन समर्थित सेक्टर इन्वेस्टमेंट योजना के तहत अब तक सोजत में कभी का ट्रोमा यूनिट निर्माण हो चुका होता। अगर जनप्रतिनिधि पूर्ण इच्छा शक्ति दर्शाते तो सड़क हादसों में अनगिनत लोगों की जानें नहीं जाती। 18 जून 2002 को राज्य से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क हादसों को रोकने के लिए राज्य के बजट में भीम,किशनगढ़,शाहपुरा,सोजत में ट्रोमा निर्माण की घोषणा की गई थी। इस घोषणा में तीन स्थानों पर ट्रोमा सेंटर संचालित भी हो गया। परंतु सोजत में घोषणा के 15 साल बाद भी ट्रोमा यूनिट नहीं बन पाया।

गांधी जयंती पर 2004 मंे प्राप्त हुए उपकरण : सोजत में ट्रोमा यूनिट निर्माण के लिए 2 अक्टूबर 2004 को निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपनिदेशक जेठमल व्यास के आदेशानुसार सोजत में आपातकालीन एंबुलेंस के लिए 116.80 लाख की राशि स्वीकृत हुई। वहीं 18 अक्टूबर 2004 को ट्रोमा यूनिट के लिए तकनीशियन का पद स्वीकृत किया गया।

वर्ष 2007 में स्कूल भवन सौंपा गया : संयुक्त निदेशक योजना चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग द्वारा अप्रैल 2004 में चाही गई सूचना पर उन्हें अवगत करवाया गया कि 16 जुलाई 2007 को सोजत के स्कूल को ट्रोमा निर्माण के लिए चिकित्सा विभाग को विधिवत हस्तांतरित कर दिया गया। तब तक का ट्रोमा का संचालन अस्पताल परिसर में ही किया जा रहा है।

भेजा 107.50लाख राशि का आवंटन पत्र

18 अगस्त 09 को अतिरिक्त निदेशक चिकित्सा प्रशासन द्वारा ट्रोमा निर्माण के लिए 107.50 लाख की राशि का आवंटन का पत्र भेजा गया। जिस पर उपनिदेशक योजना चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 28 अगस्त 09 को जवाब दिया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में राज्य योजनांतर्गत में ट्रोमा वार्ड हेतु वित्तीय प्रावधान नहीं है। इसी वर्ष में ट्रोमा वार्ड के लिए 35 उपकरण प्राप्त हुए।

तत्कालीन उपखंड अधिकारी ने करवाया अवगत

उपखंड अधिकारी राधेश्याम प्रथम द्वारा सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं चिकित्सा स्टाफ के साथ स्कूल नंबर 1 का निरीक्षण करने के साथ ही सभी दस्तावेजों एवं पत्रावलियों सहित कलेक्टर रोहित गुप्ता को अवगत करवाया गया। ट्रोमा यूनिट निर्माण को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री सहित 29 जून 2016 को चिकित्सा मंत्री को अभिनव कला मंच,सोजत सेवा मंडल,नगर निगरानी समिति, सोजत विकास मंच,वरिष्ठ नागरिक समिति आदि संगठनों द्वारा पोस्टकार्ड, ज्ञापन अभियान चलाया जा रहा है।

 

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सवराड़ में निकाली बाबा की सवारी

सवराड़ में बाबा रामदेव जी की 134वीं सवारी यात्रा शनिवार को निकाली गई। सवारी बैंड बाजों, ढोल,पंचरंगी ध्वजा, बाबा के घोड़े,अखंड जोत के साथ बाबा रामदेव मंदिर से रवाना हुई। सवारी यात्रा में प्रिंस मारवाड़ी जोधपुर के डांस से सभी मंत्र मुग्ध हो गए। सवारी यात्रा गांव के मुख्य मार्गों से होते हुए बाबा रामदेव मंदिर खेजड़ा पहुंची। आयोजन में जोधपुर,पाली,बालोतरा,ब्यावर,अजमेर,मेवाड़,पूना, इंदौर से आए श्रद्धालुओं व ग्रामीणाें ने भाग लिया। पुजारी माणकलाल प्रजापत ने बताया की शाम को सभी भक्तों के हाथ मंे एक-एक दीपक देकर बाबा रामदेव की 151 दीपक से महाआरती की गई। इस माैके भामाशाह सुरेशचंद गुंदेचा व उनकी प|ी इंद्रदेवी का र|ागिरी में कुष्ठ रोगियों को 20 मकान बनाकर देने व सवराड़ के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 10 लाख के सहयोग से छत निर्माण करवाने पर ग्रामीणों द्वारा स्वागत किया गया।

केमिकल से भरा टैंकर डिवाइडर में फंसा, हाईवे जाम

केमिकल से भरा टैंकर डिवाइडर में फंसा, हाईवे जाम

सोजत | बागावास-दातिया बालाजी मंदिर मार्ग पर मंगलवार रात केमिकल से भरा टैंकर डिवाइडर पर चढ़ गया। इससे एक घंटे तक यातायात व्यवस्था बाधित रही। बाद में फोरलेन कंपनी ने क्रेन भेजकर टैंकर को नीचे उतारा। एक घंटे तक यातायात बाधित रहने से यात्रियों व वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

साेजत में वितरित हाे रहा मटमैला व बदबूदार पानी

शहर में जलदाय विभाग की अाेर से नागरिकाें काे पीने के लिए वितरित हाेने वाला पानी का रंग मटमैला है। लाेगाें ने बताया कि प्रदूषित पानी के सेवन से बीमारियां फैलने की अाशंका है। यह स्थिति पिछले कई दिनाे से है। इसकाे लेकर लाेगाें ने जलदाय विभाग के अधिकारियाें के पास शिकायते भी भेजी, लेकिन काेई भी जिम्मेदार इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। इस कारण से शहरवासियाें में राेष व्याप्त है। ग्रामीणाें ने इसके फाेटाे लेकर एसडीएम राजेश मेवाड़ा व एईएन केदारलाल गुप्ता काे भेजे। शहर में काेट का माेहल्ला, सेवगाें का बास, अाडा बाजार, जाैहरी बाजार, धानमंडी क्षेत्र में प्रमुख रूप से गंदे पानी के वितरण की समस्या है।

सिटी टैंक भी कचरे से अटा हुअा

शहर में पेयजल के लिए दिया जाने वाला पानी जवाई प्राेजेक्ट का राॅ वाॅटर पहले सिटी टैंक में एकत्रित किया जाता है। इसके अलावा धंधेडी ट्यूबवैल से जाे खारा पानी अाता है, उसे सिटी टैंक के पीछे स्थित फिल्टर प्लांट में भेजा जाता है। यहां मिक्स करके पानी शहर की टंकियाें में भेजते हैं, लेकिन फिल्टर प्लांट की मशीनरी खस्ता हालत में है। यहां चेम्बर में पानी साफ हाेता है, उसकी मिट्टी वर्षाें से नहीं बदली गई। क्लाेरिरेशन मशीन वर्षाें से खराब पडी है। केवल ब्लीचिंग व अलम डालकर खानापूर्ति कर ली जाती है।

मोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला, पंगु हुई धारा-370, जम्मू-कश्मीर से अलग हुआ लद्दाख

नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर पर बहुत बड़ा फैसला लिया है. गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करने संकल्प राज्यसभा में पेश किया है. इसके अलावा राज्यसभा में अमित शाह ने राज्य पुनर्गठन विधेयक को पेश किया है. इसके तहत जम्मू-कश्मीर से लद्दाख को अलग कर दिया गया है. लद्दाख को बिना विधानसभा केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है.

अमित शाह की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि लद्दाख के लोगों की लंबे समय से मांग रही है कि लद्दाख को केंद्र शासित राज्य का दर्ज दिया जाए, ताकि यहां रहने वाले लोग अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकें. अब लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है, लेकिन यहां विधानसभा नहीं होगी. रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू-कश्मीर को अलग से केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है. देश की राजधानी दिल्ली की तरह जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी.

 

बता दें कि पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को राज्यसभा में संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने का प्रस्ताव पेश किया, उनके प्रस्ताव पेश करते ही सदन में विपक्षी नेता हंगामा करने लगे. अमित शाह की इस घोषणा के बाद ही राज्यसभा में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा होने लगा. पीडीपी सांसद इस घोषणा के बाद ही कपड़े फाड़कर बैठ गए और हंगामा करने लगे. यही नहीं कांग्रेस, टीएमसी और डीएमके के सांसदों ने भी सरकार की इस घोषणा पर खूब हंगामा किया. कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि बीजेपी ने संविधान की हत्या की है.

संसद में अमित शाह ने कहा कि कश्मीर में ये गलत धारणा है कि अनुच्छेद-370 की वजह से कश्मीर भारत के साथ है. अमित शाह ने कहा कि कश्मीर भारत के विलय पत्र की वजह से है जिसपर 1947 में हस्ताक्षर किया गया था. गृह मंत्री ने कहा कि वोट बैंक की वजह से विगत दिनों में इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया, लेकिन हमारे पास इच्छा शक्ति है और हम वोट बैंक की परवाह नहीं करते हैं. अमित शाह ने कहा कि अनुच्छेद-370 को हटाने में अब एक सेकेंड की भी देरी नहीं करनी चाहिए. अमित शाह ने कहा कि वे इस मुद्दे पर डिबेट और बहस के लिए तैयार हैं.